नैमिषारण्य का यह अति प्राचीन वट वृक्ष अपनी ओर आए हुए यात्रियों को आकर्षित करता है।
हजारों वर्ष पुराने वट वृक्ष के नीचे ही वेदव्यास ने छह शास्त्र 18 पुराण चारों वेद श्रीमद् भागवत आदि की रचना किया था।
इस स्थान पर देश-विदेश से लोग आते हैं और परिक्रमा करते हैं।
नैमिषारण्य विश्व के प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों में एक है जहां ब्रह्मा जी के बताने पर 88000 ऋषियों ने तपस्या किया था।
वेद व्यास ने यहीं पर किया था पुराण शास्त्र वेद एवं श्रीमद्भागवत की रचना। Ghazipur up se Brajbhushan braj bhushan iitk | |
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| Non-profits & Activism | Upload TimePublished on 21 Aug 2018 |
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